Estimation of the strength of glycine
Estimation of the strength of glycine practical explained in Hindi with theory, procedure, observation, calculation and result, suitable for MSc chemistry students.
प्रयोग का नाम
दिए गए ग्लाइसिन (Glycine) के विलयन की सांद्रता (Strength) का क्षारमिति विधि द्वारा निर्धारण करना।
उद्देश्य
दिए गए ग्लाइसिन विलयन की Strength (g/L) ज्ञात करना।
सिद्धांत (Theory )
ग्लाइसिन (NH₂–CH₂–COOH) एक ज्विटर आयनिक अमीनो अम्ल है, जिसमें
- एक अम्लीय समूह (–COOH)
- तथा एक क्षारीय समूह (–NH₂) उपस्थित होता है।
क्षारीय माध्यम में ग्लाइसिन का –COOH समूह, सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) से उदासीनीकरण अभिक्रिया करता है।
उदासीनीकरण अभिक्रिया:
यह अभिक्रिया 1 : 1 मोल अनुपात में होती है।
अतः टाइट्रेशन द्वारा ग्लाइसिन की शक्ति ज्ञात की जा सकती है।
प्रयुक्त रसायन (Reagents)
- दिया गया ग्लाइसिन विलयन
- मानक NaOH विलयन (N/10)
- फिनॉल्फ्थेलीन संकेतक
- आसुत जल
उपकरण (Apparatus)
- ब्यूरेट
- पाइपेट
- शंक्वाकार फ्लास्क
- बीकर
- ड्रॉपर
प्रयोग विधि (Procedure)
- ब्यूरेट को N/10 NaOH से धोकर उसी से भर दिया गया।
- पाइपेट द्वारा 10 mL ग्लाइसिन विलयन शंक्वाकार फ्लास्क में लिया गया।
- उसमें 2–3 बूँदें फिनॉल्फ्थेलीन संकेतक मिलाया गया।
- NaOH से टाइट्रेशन किया गया जब तक हल्का गुलाबी रंग स्थायी न हो गया।
- समान प्रेक्षण प्राप्त होने तक टाइट्रेशन दोहराया गया।
प्रेक्षण (Observation)
ब्यूरेट रीडिंग
| क्रमांक | प्रारंभिक रीडिंग (mL) | अंतिम रीडिंग (mL) | प्रयुक्त NaOH (mL) |
|---|---|---|---|
| 1 | 0.0 | 9.8 | 9.8 |
| 2 | 0.0 | 9.9 | 9.9 |
| 3 | 0.0 | 9.8 | 9.8 |
👉 औसत ब्यूरेट रीडिंग = 9.83 mL
गणना (Calculations)
दिए गए आँकड़े:
- NaOH की Normality (N₁) = 0.1 N
- NaOH का आयतन (V₁) = 9.83 mL
- Glycine विलयन का आयतन (V₂) = 10 mL
- Glycine की Normality = N₂
सूत्र:
Strength की गणना
Strength (g/L)=N×Equivalent weight
ग्लाइसिन का Equivalent weight = 75
परिणाम (Result)
दिए गए ग्लाइसिन विलयन की Strength = 7.37 g/L पाई गई।
सावधानियाँ (Precautions)
- NaOH विलयन ताज़ा होना चाहिए।
- ब्यूरेट में कोई एयर बबल नहीं होना चाहिए।
- अंतिम बिंदु पर हल्का गुलाबी रंग ही स्वीकार्य है।
- टाइट्रेशन धीरे-धीरे करना चाहिए।
संभावित Viva प्रश्न (Exam-Oriented)
- ग्लाइसिन को ज्विटर आयन क्यों कहा जाता है?
- फिनॉल्फ्थेलीन संकेतक क्यों प्रयुक्त किया जाता है?
- ग्लाइसिन का समतुल्य भार कैसे निकाला जाता है?
- अमीनो अम्लों का टाइट्रेशन सीधे HCl से क्यों नहीं करते?
