what is gravimetric estimation.ताँबा (Cu²⁺) और निकेल (Ni²⁺) को मिश्रित विलयन से गुरुत्वमितीय विधि द्वारा अलग करने की चरणबद्ध प्रायोगिक विधि जानें। चित्रों और उदाहरणों के साथ सम्पूर्ण मार्गदर्शन।
what is gravimetric estimation
उद्देश्य:
एक मिश्रित नमूने से Cu और Ni को पृथक कर गुरुत्वमितीय विधि से उनके भार का निर्धारण करना।
आवश्यक रसायन व उपकरण:
- मिश्रित नमूना (जिसमें Cu²⁺ और Ni²⁺ हो)
- 1% HCl
- 1% HNO₃
- 1% H₂SO₄
- अमोनिया विलयन (NH₄OH)
- DMG (Dimethylglyoxime) विलयन (1%)
- बेकर्स, फिल्टर पेपर, ब्यूचर फनल, घड़ीयाल काँच, डिजिटल तराजू, गरम प्लेट
नमूना विवरण (उदाहरण):
100 mL मिश्रित नमूना जिसमें अनुमानतः
- Cu²⁺ = 0.2 gm
- Ni²⁺ = 0.3 gm
Step-by-Step प्रायोगिक प्रक्रिया:
चरण 1: नमूने की तैयारी (Detailed Explanation)
उद्देश्य:
मिश्रित धातु आयनों (Cu²⁺ और Ni²⁺) को एक समान, स्पष्ट (clear) और घुलनशील रूप में लाना, ताकि बाद के चरणों में ताँबा और निकेल का पृथक्करण आसानी से किया जा सके।
क्या करना है?
100 mL मिश्रित नमूना लेना
- एक साफ़ और सूखा बेक़र लें (कम से कम 250 mL क्षमता वाला)।
- उसमें 100 mL दिया गया मिश्रित नमूना डालें।
- यह नमूना आपके पास पहले से तैयार हो सकता है या लैब में उपलब्ध किसी कंसंट्रेटेड स्टॉक से बना हो सकता है जिसमें ताँबा और निकेल दोनों आयन मौजूद हों।
1–2 mL HCl मिलाना
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Hydrochloric acid) को पिपेट या ड्रॉपर से लेकर उसमें 1–2 mL मात्रा में मिलाएँ।
- इसका काम है – किसी भी संभावित धातु ऑक्साइड को घोल में घुलनशील रूप में लाना।
1–2 mL HNO₃ मिलाना
- अब उसमें नाइट्रिक अम्ल (Nitric acid) भी 1–2 mL मिलाएँ।
- यह ऑक्सीडाइजिंग एजेंट का काम करता है और किसी भी Cu⁺ (cuprous) को Cu²⁺ (cupric) में बदल देता है, जो कि पानी में घुलनशील होता है।
हल्की आँच पर गरम करना
- इस पूरे मिश्रण को गरम प्लेट या बर्नर पर हल्का गरम करें (उबालें नहीं)।
- गरम करने का उद्देश्य यह है कि अगर कोई धातु यौगिक (जैसे Cu(OH)₂, Ni(OH)₂ आदि) अघुलनशील अवस्था में हो, तो वह अम्ल की उपस्थिति में घुल जाए।
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महत्वपूर्ण बातें:
- बहुत अधिक अम्ल न डालें — 1–2 mL पर्याप्त है, वरना बाद में ppt बनने में बाधा आ सकती है।
- बहुत अधिक गरम न करें — बस इतना गरम करें कि धातु यौगिक पूरी तरह से घुल जाए और स्पष्ट हल बन जाए।
- अगर कोई तलछट (precipitate) बचता है, तो और थोड़ा अम्ल मिलाकर हल्के गरम करें जब तक पूरा घोल साफ़ न हो जाए।
चरण 2: ताँबा (Cu²⁺) का पृथक्करण एवं गुरुत्वमितीय अनुमान
Step 1: H₂S गैस या Na₂S मिलाना
उद्देश्य:
ताँबा (Cu²⁺) को ताँबा सल्फाइड (CuS) के रूप में ppt बनाना।
प्रक्रिया:
- जो घोल आपने चरण 1 में तैयार किया है, उसमें अब अम्लीय माध्यम बना हुआ है (HCl + HNO₃ की उपस्थिति में)।
- इस घोल में अब धीरे-धीरे H₂S गैस प्रवाहित करें
या
विकल्प रूप में Na₂S विलयन की कुछ बूँदें डालें।
रासायनिक अभिक्रिया:
Cu²⁺ + H₂S → CuS ↓ (काला ppt) + 2H⁺ or Cu²⁺ + S²⁻ → CuS ↓
पहचान:
- जैसे ही H₂S या Na₂S मिलाते हैं, तुरंत काला ppt (CuS) बनता है।
- यह ppt घोल में रुक कर बैठने लगता है। यही Cu का यौगिक है जिसे हम तौलेंगे।
Step 2: CuS ppt को फ़िल्टर करना
प्रक्रिया:
- अब इस ppt को फ़िल्टर करने के लिए ब्यूचर फनल और फ़िल्टर पेपर का उपयोग करें।
- फनल में फ़िल्टर पेपर सेट करें और घोल को धीरे-धीरे डालें।
- सारा ppt पेपर पर रह जाएगा, और फ़िल्ट्रेट (जिसमें अब Ni²⁺ है) नीचे बीकर में इकट्ठा हो जाएगा।
Step 3: ppt को धोना
उद्देश्य:
ppt के साथ फँसे अन्य घुलनशील आयनों (जैसे Cl⁻, NO₃⁻ आदि) को हटाना।
प्रक्रिया:
- ppt को डिस्टिल्ड वॉटर से कई बार धोएँ (3-4 बार)।
- हर बार थोड़ा पानी डालें, हिलाएँ और फिर फ़िल्टर करें।
Step 4: सुखाना (Drying)
प्रक्रिया:
- फ़िल्टर पेपर को सावधानी से घड़ीयाल काँच पर रखें।
- इसे ओवन में 110°C पर 1-2 घंटे तक सुखाएँ।
- जब तक सारा नमी हट न जाए, सुखाना ज़रूरी है।
Step 5: वजन लेना (Weighing)
प्रक्रिया:
- सूखे ppt और फ़िल्टर पेपर को मिलाकर डिजिटल तराजू पर तौलें।
- मान लीजिए वजन आता है 0.476 ग्राम।
Note: अगर आप फ़िल्टर पेपर का भार जानते हैं (मान लीजिए 0.050 gm), तो वास्तविक CuS का भार = 0.476 – 0.050 = 0.426 gm
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Step 6: Cu की गणना (Calculation of Cu content)
सैद्धांतिक गणना:
जानकारी:
-
CuS का मॉलिक्यूलर भार = 95.6
-
Cu का परमाणु भार = 63.5
सूत्र:
उदाहरण गणना:
मान लीजिए CuS ppt = 0.476 gm
अर्थ यह है:
मिश्रण में जो ताँबा था, उसका कुल भार = 0.316 ग्राम
चरण 3: निकेल (Ni²⁺) का पृथक्करण और गुरुत्वमितीय अनुमान
(Using DMG method)
Step 1: फ़िल्ट्रेट को लेना
प्रक्रिया:
- पिछले चरण में Cu²⁺ को CuS ppt के रूप में निकालने के बाद जो फ़िल्ट्रेट (नीचे निकला पारदर्शी घोल) बचा था, उसमें अब केवल Ni²⁺ आयन मौजूद हैं।
- इसे एक साफ बेक़र में स्थानांतरित करें।
Step 2: अमोनिया (NH₄OH) मिलाना
उद्देश्य:
DMG केवल हल्के बेसिक माध्यम में ही निकेल के साथ ppt बनाता है, इसलिए माध्यम को बेसिक बनाना ज़रूरी है।
प्रक्रिया:
- बेक़र में थोड़ा-थोड़ा करके Ammonium hydroxide (NH₄OH) मिलाएँ।
- मिलाते समय ग्लास रॉड से हिलाते रहें।
- pH पेपर या गंध के आधार पर समझें कि माध्यम हल्का बेसिक हो गया है या नहीं।
- संकेत: घोल हल्का नीला-हरा दिखने लगता है।
Step 3: 1% DMG विलयन मिलाना
रासायनिक अभिक्रिया:
प्रक्रिया:
- अब इसमें 1% Dimethylglyoxime (DMG) का विलयन मिलाएँ। (ड्रॉपर या मेज़रिंग सिलेंडर से)
- तुरंत गुलाबी रंग का ppt बनने लगेगा — यही Ni(DMG)₂ है।
- कुछ समय (5-10 मिनट) के लिए ppt बनने दें ताकि संपूर्ण अभिक्रिया हो सके।
Step 4: फ़िल्टर करना और धोना
प्रक्रिया:
- इस गुलाबी ppt को ब्यूचर फनल और फ़िल्टर पेपर से फ़िल्टर करें।
- डिस्टिल्ड वॉटर से 3-4 बार अच्छी तरह धोएँ, ताकि कोई घुलनशील अशुद्धियाँ न बचें।
Step 5: सुखाना (Drying)
प्रक्रिया:
- फ़िल्टर पेपर सहित ppt को घड़ीयाल काँच पर रखें।
- इसे ओवन में 110°C पर 1–2 घंटे तक सुखाएँ।
- ठंडा होने के बाद इसे निकालें और वजन के लिए तैयार रखें।
Step 6: तौलना (Weighing)
प्रक्रिया:
- अब इस सुखाए गए ppt को तौलें।
- मान लीजिए, वजन आया 0.515 ग्राम
यदि आपने फ़िल्टर पेपर का तारा भार घटा लिया है तो यह वास्तविक Ni(DMG)₂ ppt का भार है।
Step 7: Ni की गणना (Calculation of Nickel Content)
सूत्र:
-
Ni(DMG)₂ का मॉलिक्यूलर भार ≈ 288
-
Ni का परमाणु भार = 58.7
फ़ॉर्मूला:
उदाहरण:
अर्थ यह है:
आपके मिश्रण में मौजूद निकेल की वास्तविक मात्रा = 0.105 ग्राम है।
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निष्कर्ष:
- आपने मिश्रण से निकेल को विशेष अभिकर्मक DMG की सहायता से ppt के रूप में पृथक किया।
- उसे फ़िल्टर कर, सुखाकर, वजन लिया और तदनुसार शुद्ध Ni की मात्रा ज्ञात की।
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