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oxalic acid N/30 standard solution Preparation

oxalic acid N/30 standard solution Preparation.ओक्सैलिक अम्ल का N/30 स्टैण्डर्ड विलयन बनाकर NaOH का स्टैण्डर्ड N/30 विलयन बनाना.यह ब्लॉग बी.एससी.प्रथम वर्ष के माइनर/इलेक्टिव  subject के chemistry प्रैक्टिकल से रिलेटेड हैं.यह दूसरा  chemistry प्रैक्टिकल हैं.

oxalic acid N/30 standard solution Preparation

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1 ओक्सैलिक अम्ल का N/30 स्टैण्डर्ड विलयन बनाकर NaOH का स्टैण्डर्ड N/30 विलयन बनाना.

1.1 आवश्यक अभिकर्मक व उपकरण (Required Reagents and Appartus):-
1.2 सूचक(indicator):-

1.3 सिद्धांत(principle):-

1.3.1 (COOH)2 + 2NaOH——->(COONa)2+2H2O
2 विधि (procedure):-
3 प्रेक्षण(observation):-
4 (3)प्रेक्षण टेबल
5 गणना(calculation)
6 परिणाम(result):-
7 सावधानियाँ(precaution)

ओक्सैलिक अम्ल का N/30 स्टैण्डर्ड विलयन बनाकर NaOH का स्टैण्डर्ड N/30 विलयन बनाना.

आवश्यक अभिकर्मक व उपकरण (Required Reagents and Appartus):-

ओक्सेलिक अम्ल,NaOH, ब्युरेट,पिपेट कोनिकल  फ्लास्क,ब्युरेट स्टैंड,केमिकल बैलेंस,डिस्टिल्ड वाटर.

सूचक(indicator):-

फेनोलाफ्थैलिन

सिद्धांत(principle):-

सोडियम हाइड्रऑक्साइड व ऑक्सेलिक अम्ल में यह क्रिया होती हैं:-

(COOH)2 + 2NaOH——->(COONa)2+2H2O

इस रिएक्शन में सोडियम हाइड्रऑक्साइड प्रबल क्षार व ऑक्सेलिक अम्ल दुर्बल अम्ल हैं.इस titration में फेनोलाफ्थैलिन सूचक के रूप में प्रयुक्त किया जाता हैं.end point पर colourless solution गुलाबी हो जाता हैं.

NaOH solution की सांद्रता (नार्मलता) a निर्धारण 

N1 V1=N2V2

यहाँ

N1=NaOH की नार्मलता 

V1=NaOH का प्रयुक्त आयतन 

N2=ऑक्सेलिक अम्ल की नार्मलता 

V2=ऑक्सेलिक अम्ल का लिया गया आयतन 

इस titration को NaOH का मानकीकरण कहते हैं.

विधि (procedure):-

ऑक्सेलिक अम्ल की आवश्यक quantitiy w=ENV/1000=63×1×250/×30×1000=0.525 g इतने ग्राम को chemical balance पर तौल कर 250 फ्लास्क में डालकर मानक विलयन बना लिया.इसी प्रकार NaOH की आवश्यक मात्रा w=ENV/1000=40×1×250/×30×1000=0.333 g  इतने ग्राम को 250 ml के फ्लास्क में डालकर N/30 सांद्रता का solution बना लेते हैं.डिस्टिल्ड वाटर से ब्युरेट को NaOH के solution से खंगालते हैं.

ब्युरेट को एक निश्चित निशान तक NaOH फनेल से भर लिया जाता हैं.एक फ्लास्क में पिपेट की हेल्प से 25 ml ऑक्सेलिक अम्ल का solution भर लिया जाता हैं.इसमें कुछ मात्रा फेनोलाफ्थैलिन सूचक मिलाते हैं.फिर ब्युरेट से बूंद-बूंद करके फ्लास्क में मिलाते हैं,जब तक कि कलर गुलाबी न हो जाये.ऐसे तीन एक्सेक्ट रीडिंग नोट कर लेते हैं.

प्रेक्षण(observation):-

(1) ऑक्सेलिक अम्ल के लिए :-

(i)खाली वाच ग्लास का भार=2.5473 g

(ii)वाच ग्लासऔर ऑक्सेलिक अम्ल का भार =2.9786g

(iii)ऑक्सेलिक अम्ल का भार=2.9786-2.5473=0.4313g

(2)  NaOH के लिए =

(i)खाली वाच ग्लास का भार=3.6554 g

(ii)वाच ग्लासऔर NaOH का भार=3.9765g

(iii)NaOH का भार=3.9765-3.6554=0.3211g

(3)प्रेक्षण टेबल

क्रमांक ऑक्सेलिक अम्ल का  आयतन  (ml) ब्युरेट प्रेक्षण NaOH का आयतन(ml)
    प्रथम द्वितीय  
1. 25.0 0.0 22.7 22.5
2. 25.0 0.0 22.5 22.5
3. 25.0 0.0 22.5 22.5

गणना(calculation)

N1 V1=N2V2

यहाँ  N1=ऑक्सेलिक अम्ल की नार्मलता (N)

=w×1000/E×V=0.4313×1000/63×250=0.0273g

V1=ऑक्सेलिक अम्ल का  आयतन =250ml

N2=NaOH की नार्मलता 

V2=NaOH का आयतन =22.5ml

0.0273×25=N2×22.5

N2 =0.0273×25/22.5

N2=0.030

परिणाम(result):-

NaOH का गौण मानक विलयन 0.030नार्मलता का हैं.

सावधानियाँ(precaution)

(1) ऑक्सेलिक अम्ल की सही quantity को तौलनी चाहिए.

(2) NaOH को एयर में खुला नहीं होना चाहिए

(3) NaOH को हाथ से से नहीं छूना चाहिए.

(4)NaOH और ऑक्सेलिक अम्ल को तौलने के लिए अलग -अलग वाच ग्लास का use करना चाहिए .

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