determination of melting point of an organic compound
Determination of melting point of an organic compound is an important chemistry practical used to identify and check the purity of organic substances. In this experiment the melting point of benzoic acid is determined using an electrically heated melting point apparatus and capillary tube method in the laboratory.
कार्बनिक यौगिक का गलनांक निर्धारण (Determination of Melting Point of an Organic Compound)
1. उद्देश्य (Aim)
दिए गए कार्बनिक यौगिक (Benzoic Acid) का गलनांक विद्युत चालित गलनांक यंत्र (Electrically Heated Melting Point Apparatus) की सहायता से निर्धारित करना तथा उसके आधार पर यौगिक की शुद्धता का अध्ययन करना।
2. सिद्धांत (Theory)
कार्बनिक रसायन में ठोस यौगिकों की पहचान करने के लिए गलनांक (Melting Point) एक महत्वपूर्ण भौतिक गुण है।
जब किसी ठोस पदार्थ को गर्म किया जाता है तो एक निश्चित तापमान पर वह ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाता है। जिस तापमान पर यह परिवर्तन होता है उसे गलनांक कहते हैं।
गलनांक की परिभाषा
किसी शुद्ध ठोस पदार्थ का वह निश्चित तापमान जिस पर वह ठोस से द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाता है, गलनांक (Melting Point) कहलाता है।
प्रत्येक शुद्ध कार्बनिक यौगिक का गलनांक निश्चित होता है।
उदाहरण के लिए:
Benzoic Acid का गलनांक लगभग 121°C – 123°C होता है।
यदि पदार्थ शुद्ध है तो उसका गलनांक:
✔ निश्चित होगा
✔ बहुत संकीर्ण सीमा में होगा
लेकिन यदि पदार्थ में अशुद्धियां होती हैं तो:
✔ गलनांक कम हो जाता है
✔ गलनांक की सीमा बढ़ जाती है
इसी कारण से गलनांक का उपयोग किया जाता है:
- कार्बनिक यौगिक की पहचान के लिए
- यौगिक की शुद्धता की जांच के लिए
- प्रयोगशाला विश्लेषण में
गलनांक निर्धारण की विधि
गलनांक को सामान्यतः कैपिलरी विधि (Capillary Method) से निर्धारित किया जाता है।
इस विधि में एक पतली कांच की ट्यूब (Capillary tube) में थोड़ी मात्रा में ठोस नमूना भरकर उसे गलनांक यंत्र में गर्म किया जाता है।
जिस तापमान पर पदार्थ पिघलना शुरू करता है और जिस तापमान पर पूरी तरह पिघल जाता है, उस तापमान को नोट किया जाता है।
3. आवश्यक उपकरण (Apparatus)
- Electrically heated melting point apparatus
- Capillary tube
- Thermometer
- Watch glass
- Glass rod
- Spatula
4. आवश्यक रसायन (Chemicals)
Sample: Benzoic Acid
5. उपकरण का वर्णन (Description of Apparatus)
Melting Point Apparatus
यह एक विद्युत चालित उपकरण होता है जिसमें एक heating block और thermometer लगा होता है।
इस उपकरण की सहायता से तापमान को धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है तथा नमूने के गलनांक को सही तरीके से मापा जाता है।
6. प्रयोग की प्रक्रिया (Procedure)
- सबसे पहले एक साफ और सूखी Capillary tube ली जाती है।
- Capillary tube के एक सिरे को आग की सहायता से बंद किया जाता है।
- अब Watch glass पर थोड़ा सा Benzoic Acid लिया जाता है।
- Capillary tube के खुले सिरे को नमूने में डुबोकर थोड़ा सा पदार्थ उसमें भर लिया जाता है।
- Capillary tube को हल्के से नीचे गिराकर या tapping करके नमूने को नीचे तक पहुंचाया जाता है।
- अब Capillary tube को Melting Point Apparatus में लगाया जाता है।
- उपकरण को चालू किया जाता है और तापमान धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है।
- जब पदार्थ पिघलना शुरू करता है तो उस तापमान को नोट किया जाता है।
- जिस तापमान पर पदार्थ पूरी तरह पिघल जाता है उसे भी नोट किया जाता है।
- इन दोनों तापमानों के बीच की सीमा को गलनांक सीमा (Melting point range) कहा जाता है।
7. अवलोकन (Observation)
Sample: Benzoic Acid
| Observation | Temperature |
|---|---|
| पिघलना प्रारंभ | 121°C |
| पूर्ण पिघलना | 123°C |
8. गणना (Calculation)
Melting Point Range
= Final melting temperature – Initial melting temperature
= 123°C – 121°C
= 2°C
9. परिणाम (Result)
दिए गए कार्बनिक यौगिक (Benzoic Acid) का गलनांक
121°C – 123°C
पाया गया।
यह मान साहित्यिक मान के लगभग समान है, इसलिए दिया गया यौगिक शुद्ध (Pure) है।
10. चर्चा (Discussion)
गलनांक निर्धारण कार्बनिक रसायन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीक है।
इस प्रयोग में Benzoic Acid का गलनांक निर्धारित किया गया।
प्राप्त मान साहित्यिक मान के बहुत निकट है।
इससे यह सिद्ध होता है कि नमूना शुद्ध है।
यदि नमूने में अशुद्धियां होतीं तो:
- गलनांक कम हो जाता
- गलनांक सीमा बढ़ जाती
इसलिए गलनांक का उपयोग शुद्धता की जांच में किया जाता है।
11. सावधानियां (Precautions)
- Capillary tube साफ और सूखी होनी चाहिए।
- नमूना बहुत अधिक मात्रा में नहीं भरना चाहिए।
- तापमान धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।
- Thermometer को सही तरीके से लगाना चाहिए।
- उपकरण को सावधानी से उपयोग करना चाहिए।
12. त्रुटियों के स्रोत (Sources of Error)
- तापमान बहुत तेजी से बढ़ाना
- नमूना अधिक मात्रा में भरना
- Thermometer की गलत रीडिंग
- नमूने में अशुद्धियां होना
13. उपयोग (Applications)
Melting point determination का उपयोग निम्न क्षेत्रों में किया जाता है:
- कार्बनिक यौगिकों की पहचान में
- यौगिक की शुद्धता की जांच में
- औषधि उद्योग में
- अनुसंधान प्रयोगशालाओं में
- रासायनिक विश्लेषण में
