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Conductometric Titration Method 100% Accuracy

Conductometric Titration Method 100% Accuracy.इस विस्तृत प्रयोगशाला गाइड में, हम आपको सिखाते हैं कि कैसे हाइड्रोक्लोरिक एसिड और सोडियम हाइड्रॉक्साइड के बीच की प्रतिक्रिया को कंडक्टोमेट्रिक टाइट्रेशन विधि का उपयोग करके 100% सटीकता के साथ मापें। समाधान की तैयारी, अंशांकन वक्र निर्माण, और डेटा विश्लेषण के सभी महत्वपूर्ण चरणों को शामिल किया गया है। इस सरल और प्रभावी विधि के माध्यम से रसायन विज्ञान के प्रयोगों में उत्कृष्टता प्राप्त करें।

Conductometric Titration Method 100% Accuracy

हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) और सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के बीच कंडक्टोमेट्रिक टाइट्रेशन की विस्तृत प्रयोगशाला विधि नीचे दी गई है:

आवश्यक सामग्री:

  • हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) का ज्ञात सांद्रण वाला समाधान
  • सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) का ज्ञात सांद्रण वाला समाधान
  • कंडक्टोमीटर (Conductometer)
  • ब्यूरेट (Burette)
  • स्टैंड
  • पिपेट
  • मैग्नेटिक स्टिरर (Magnetic Stirrer) और स्टिरिंग बार
  • बीकर (100 mL)
  • आसुत जल

चरण-दर-चरण विधि:

1. प्रारंभिक तैयारी:

  1. कंडक्टोमीटर की अंशांकन (Calibration):
    • कंडक्टोमीटर को चालू करें और इसे निर्माता के निर्देशानुसार अंशांकित करें।
  2. HCl समाधान की तैयारी:
    • पिपेट का उपयोग करके, 50 mL ज्ञात सांद्रण वाले HCl समाधान को 100 mL बीकर में डालें।
  3. NaOH समाधान की तैयारी:
    • ब्यूरेट को NaOH समाधान से भरें। सुनिश्चित करें कि ब्यूरेट का कोई बुलबुला न हो और इसका नोजल भरा हुआ हो।

2. टाइट्रेशन प्रक्रिया:

  1. बीकर में मैग्नेटिक स्टिरिंग बार डालें:
    • HCl समाधान वाले बीकर में मैग्नेटिक स्टिरिंग बार डालें और इसे मैग्नेटिक स्टिरर पर रखें। स्टिरर को चालू करें ताकि समाधान स्थिर गति से हिलता रहे।
  2. प्रारंभिक कंडक्टिविटी मापें:
    • कंडक्टोमीटर का इलेक्ट्रोड HCl समाधान में डालें और प्रारंभिक कंडक्टिविटी (प्रारंभिक चालकता) को नोट करें।
  3. NaOH का संचालित मिलाना:
    • ब्यूरेट से धीरे-धीरे NaOH समाधान को HCl समाधान में जोड़ें। प्रत्येक जोड़ने के बाद समाधान की कंडक्टिविटी को मापें और रिकॉर्ड करें।
    • शुरू में कंडक्टिविटी कम होती जाएगी क्योंकि H⁺ आयन OH⁻ आयन के साथ मिलकर पानी बनाते हैं, जिससे आयनों की कुल संख्या कम हो जाती है।
  4. कंडक्टिविटी में परिवर्तन का निरीक्षण:
    • जैसे-जैसे आप NaOH को जोड़ते जाएंगे, एक बिंदु पर कंडक्टिविटी न्यूनतम हो जाएगी। यह बिंदु तुल्यकारी बिंदु (Equivalence Point) है।
    • इसके बाद, कंडक्टिविटी फिर से बढ़ने लगेगी क्योंकि अब अतिरिक्त NaOH जोड़ा जा रहा है, जिससे OH⁻ आयन की संख्या बढ़ती है।
  5. टाइट्रेशन समाप्ति:
    • NaOH को जोड़ना तब तक जारी रखें जब तक कि कंडक्टिविटी लगातार बढ़ना शुरू न हो जाए और पर्याप्त डेटा बिंदु एकत्र किए गए हों।

3. डेटा विश्लेषण:

  1. ग्राफ तैयार करें:
    • वॉल्यूम ऑफ NaOH (जोड़ा गया) के विरुद्ध कंडक्टिविटी का ग्राफ बनाएं।
    • ग्राफ़ पर न्यूनतम कंडक्टिविटी बिंदु को पहचानें। यह तुल्यकारी बिंदु है।
  2. HCl की सांद्रता की गणना:
    • तुल्यकारी बिंदु पर NaOH के वॉल्यूम का उपयोग करके HCl की सांद्रता की गणना करें:

    C1V1=C2V2जहाँ:

    • C1 = HCl का प्रारंभिक सांद्रण
    • V1 = HCl का प्रारंभिक वॉल्यूम
    • C2 = NaOH का सांद्रण
    • V2 = तुल्यकारी बिंदु पर NaOH का वॉल्यूम

विस्तृत नोट्स:

  • सटीकता: सभी मापों में सटीकता और स्थिरता बनाए रखें।
  • तापमान: प्रयोग के दौरान समाधान का तापमान स्थिर रखें क्योंकि तापमान कंडक्टिविटी को प्रभावित करता है।
  • कंडक्टोमीटर का रखरखाव: प्रयोग के दौरान कंडक्टोमीटर इलेक्ट्रोड को साफ और ठीक रखें।

इस विधि का पालन करके, आप हाइड्रोक्लोरिक एसिड और सोडियम हाइड्रॉक्साइड के बीच कंडक्टोमेट्रिक टाइट्रेशन को सफलतापूर्वक निष्पादित कर सकते हैं और HCl की सांद्रता का सटीक निर्धारण कर सकते हैं।

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