BSC I Year

सैलिसिलिक अम्ल का एसीटिलीकरण कर एस्पिरिन का निर्माण करना तथा प्राप्त यौगिक की पहचान गलनांक द्वारा करना।

B.Sc.1 Minor 1 chemistry practical 3

B.Sc.1 Minor 1 chemistry practical 3 प्रयोग का नाम सैलिसिलिक अम्ल के एसीटिलीकरण द्वारा एस्पिरिन (Acetyl salicylic acid) का संश्लेषण। उद्देश्य (Object) सैलिसिलिक अम्ल का एसीटिलीकरण कर एस्पिरिन का निर्माण करना तथा प्राप्त यौगिक की पहचान गलनांक द्वारा करना। आवश्यक उपकरण (Required Apparatus) आवश्यक अभिक्रियक (Required Reagents) सिद्धांत (Principle) सैलिसिलिक अम्ल के फिनॉलिक –OH समूह […]

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B.Sc.1 Minor 1 Chemistry Practical 2

B.Sc.1 Minor 1 Chemistry Practical 2

B.Sc.1 Minor 1 Chemistry Practical 2 प्रयोग क्रमांक – 3 प्रयोग का नाम मॉडल द्वारा साइक्लोहेक्सेन (Cyclohexane) की कुर्सी (Chair) संरचना का अध्ययन। उद्देश्य (Object) मॉडल की सहायता से साइक्लोहेक्सेन अणु की कुर्सी (Chair form) संरचना का निर्माण करना तथा उसके अक्षीय (Axial) एवं निरक्षीय (Equatorial) बंधों का अध्ययन करना। आवश्यक सामग्री (Required Materials) सिद्धांत

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B.Sc.I Year Minor 1Chemistry Practical 1

B.Sc.I Year Minor 1Chemistry Practical 1 प्रयोग क्रमांक – 1 उद्देश्य (Object): दिए गए कार्बनिक क्रिस्टलों को चारकोल (Activated Charcoal) की सहायता से रंगहीन करना एवं पुनः क्रिस्टलीकृत करना। सिद्धांत (Principle): जब कोई कार्बनिक पदार्थ रंगीन अपद्रव्यों की उपस्थिति के कारण रंगीन विलयन बनाता है, तब उसे चारकोल के साथ उबालने पर रंगीन अपद्रव्य चारकोल

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B.Sc.1 MJ3 chemistry Practical 5

B.Sc.1 MJ3 chemistry Practical 5

B.Sc.1 MJ3 chemistry Practical 5 जल के नमूने में उपस्थित अमोनिया (NH₃) की मात्रा का निर्धारण रंग-मिति (Colorimetry) विधि द्वारा उद्देश्य (Object) जल के नमूने में उपस्थित अमोनिया की मात्रा का निर्धारण नेसलर अभिकर्मक की सहायता से रंग-मिति विश्लेषण द्वारा करना। आवश्यक उपकरण (Required Apparatus) आवश्यक रसायन (Required Reagents) सिद्धांत (Principle) जब अमोनिया युक्त जल

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B.Sc.1 mj3 Chemistry practical 4

B.Sc.1 mj3 Chemistry practical 4

B.Sc.1 mj3 Chemistry practical 4 ऑक्सैलिक अम्ल द्वारा NaOH का मानकीकरण तथा सिरके (Acetic acid) में उपस्थित अम्ल की मात्रा का निर्धारण उद्देश्य (Object) ऑक्सैलिक अम्ल के मानक विलयन द्वारा NaOH विलयन का मानकीकरण करना तथा मानकीकृत NaOH की सहायता से दिए गए सिरके में उपस्थित एसिटिक अम्ल की मात्रा ज्ञात करना। आवश्यक उपकरण (Required

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B.Sc.1 MJ3 Chemistry Practical 3

B.Sc.1 MJ3 Chemistry Practical 3

B.Sc.1 MJ3 Chemistry Practical 3 Benzoic acid ka distribution law practical, water aur benzene ke beech benzoic acid ka distribution, systematic chemistry practical with theory, observation table, calculation example aur result B.Sc level ke liye. जल तथा बेंज़ीन के मध्य बेंज़ोइक अम्ल के वितरण (Distribution) का अध्ययन करना तथा यह सिद्ध करना किC1C2=स्थिरांक (k)\frac{C_1}{\sqrt{C_2}} = \text{स्थिरांक

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B.Sc.1 MJ3 chemistry practical 1

B.Sc.1 MJ3 chemistry practical 1

B.Sc.1 MJ3 chemistry practical 1 विस्कोसिटी विधि द्वारा दिए गए द्विघटकीय (Binary) अज्ञात मिश्रण का प्रतिशत संघटन ज्ञात करना। उद्देश्य (Object) दिए गए द्विघटकीय मिश्रण का प्रतिशत संघटन विस्कोसिटी विधि द्वारा ज्ञात करना। आवश्यक सामग्री (Required Materials) ऑस्टवाल्ड विस्कोमीटर, स्टैंड, रबर ट्यूब, पिपेट, बीकर, घड़ी, थर्मामीटर, आसुत जल, क्रोमिक अम्ल। सिद्धांत (Principle) किसी द्रव की

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B.Sc.1 MJ-2 Chemistry Practical 3

B.Sc.1 MJ-2 Chemistry Practical 3

B.Sc.1 MJ-2 Chemistry Practical 3 इस प्रायोगिक में वर्णमिति (Colorimeter) की सहायता से दिए गए रंगीन विलयन की सांद्रता ज्ञात की जाती है। ज्ञात सांद्रता वाले मानक विलयनों के लिए अवशोषणांक मापा जाता है तथा अवशोषणांक बनाम सांद्रता का आलेख खींचा जाता है। इस ग्राफ की सहायता से अज्ञात विलयन की सांद्रता का निर्धारण किया

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B.Sc. 1 Year Major 1 Pharma Unit V Module 4

B.Sc. 1 Year Major 1 Pharma Unit V Module 4 Antispasmodics Antispasmodics वे दवाइयाँ हैं जो smooth muscles की spasms (अनियंत्रित सिकुड़न) को रोकती हैं। ये मुख्य रूप से पेट और आंत की spasms, cramps, और abdominal pain में प्रयोग होती हैं। इस module में हम antispasmodics के प्रकार, mechanism, advantages-disadvantages, और clinical use को

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