B.Sc.1 Year Minor-2 Chemistry practical-3
EDTA विधि द्वारा मिश्रण में Fe³⁺ एवं Mg²⁺ आयनों का निर्धारण
उद्देश्य (Object)
दिए गए विलयन में उपस्थित Fe³⁺ तथा Mg²⁺ आयनों की मात्रा का EDTA अनुमापन द्वारा निर्धारण करना।
सिद्धान्त (Principle)
EDTA एक शक्तिशाली chelating agent है, जो धातु आयनों के साथ स्थिर समिश्र (complex) बनाता है।
Fe³⁺ एवं Mg²⁺ आयन अलग–अलग परिस्थितियों में EDTA के साथ अभिक्रिया करते हैं, जिससे उनकी मात्रा ज्ञात की जाती है।
आवश्यक सामग्री (Required Materials)
- मिश्रित विलयन (Fe³⁺ + Mg²⁺)
- मानक EDTA विलयन (0.01 N)
- पोटैशियम डाइक्रोमेट (K₂Cr₂O₇)
- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)
- टिन क्लोराइड (SnCl₂)
- बफर विलयन
- ब्युरेट, पिपेट, कोनिकल फ्लास्क
विधि (Method)
भाग – A : Fe³⁺ का निर्धारण
- 25 ml मिश्रित विलयन को कोनिकल फ्लास्क में लें।
- इसमें HCl मिलाकर Fe³⁺ को SnCl₂ द्वारा Fe²⁺ में अपचय करें।
- अब K₂Cr₂O₇ से अनुमापन करें।
- रंग परिवर्तन होने पर ब्युरेट का पाठ नोट करें।
भाग – B : Mg²⁺ का निर्धारण
- उसी विलयन में उपयुक्त बफर मिलाएँ।
- Eriochrome Black-T संकेतक डालें।
- EDTA विलयन से अनुमापन करें।
- वाइन रेड से नीला रंग परिवर्तन होने पर अंतिम बिंदु प्राप्त होता है।
अवलोकन (Observation)
Fe³⁺ निर्धारण
- प्रयुक्त K₂Cr₂O₇ का आयतन = V₁ ml
Mg²⁺ निर्धारण
- प्रयुक्त EDTA का आयतन = V₂ ml
उदाहरण (Example Data)
मान लीजिए:
- V₁ (K₂Cr₂O₇) = 12.0 ml
- V₂ (EDTA) = 15.0 ml
गणना (Calculation)
(1) Fe³⁺ की मात्रा
Fe3+(mg)=5.585×V1 =5.585×12.0 =67.02 mg
(2) Mg²⁺ की मात्रा
Mg2+(mg)=2.432×V2 =2.432×15.0 =36.48 mg
परिणाम (Result)
दिए गए विलयन में:
- Fe³⁺ की मात्रा = 67.02 mg
- Mg²⁺ की मात्रा = 36.48 mg
सावधानियाँ (Precautions)
- EDTA विलयन शुद्ध एवं मानक होना चाहिए।
- SnCl₂ का प्रयोग सावधानीपूर्वक करें।
- अनुमापन धीरे-धीरे करें।
- बफर विलयन उचित मात्रा में मिलाएँ।
- काँच के सभी उपकरण साफ होने चाहिए।
