B.Sc.1 MJ3 chemistry practical 1
विस्कोसिटी विधि द्वारा दिए गए द्विघटकीय (Binary) अज्ञात मिश्रण का प्रतिशत संघटन ज्ञात करना।
उद्देश्य (Object)
दिए गए द्विघटकीय मिश्रण का प्रतिशत संघटन विस्कोसिटी विधि द्वारा ज्ञात करना।
आवश्यक सामग्री (Required Materials)
ऑस्टवाल्ड विस्कोमीटर, स्टैंड, रबर ट्यूब, पिपेट, बीकर, घड़ी, थर्मामीटर, आसुत जल, क्रोमिक अम्ल।
सिद्धांत (Principle)
किसी द्रव की विस्कोसिटी उसके प्रवाह समय के समानुपाती होती है। यदि किसी निश्चित आयतन का द्रव ऑस्टवाल्ड विस्कोमीटर में प्रवाहित किया जाए, तो उसका प्रवाह समय द्रव की विस्कोसिटी पर निर्भर करता है।
विभिन्न ज्ञात प्रतिशत संघटन वाले मिश्रणों के प्रवाह समय ज्ञात कर उनके बीच ग्राफ खींचा जाता है। इसी ग्राफ की सहायता से अज्ञात मिश्रण के प्रवाह समय से उसका प्रतिशत संघटन ज्ञात किया जाता है।
विधि (Method)
- विस्कोमीटर को पहले क्रोमिक अम्ल तथा फिर आसुत जल से अच्छी तरह धोकर सुखा लिया जाता है।
- द्रव A एवं द्रव B के विभिन्न प्रतिशत मिश्रण (5%, 10%, 15%, 20%, 25%, 30% तथा 35%) तैयार किए जाते हैं।
- पिपेट की सहायता से 10 ml मिश्रण विस्कोमीटर की चौड़ी भुजा में डाला जाता है।
- द्रव को ऊपर के निशान से ऊपर खींचकर स्वतः बहने दिया जाता है तथा A से B निशान तक बहने का समय स्टॉपवॉच से नोट किया जाता है।
- यही प्रक्रिया सभी ज्ञात मिश्रणों के लिए दोहराई जाती है।
- अंत में विस्कोमीटर को साफ कर दिए गए अज्ञात मिश्रण के लिए भी प्रवाह समय नोट किया जाता है।

प्रेक्षण (Observation)
कमरे का ताप = 30°C
| क्रमांक | मिश्रण का प्रतिशत संघटन | A से B तक बहने का समय (sec) |
|---|---|---|
| 1 | 5% | 45 |
| 2 | 10% | 52 |
| 3 | 15% | 60 |
| 4 | 20% | 68 |
| 5 | 25% | 76 |
| 6 | 30% | 85 |
| 7 | 35% | 95 |
| 8 | अज्ञात | 70 |
गणना (Calculation)
ज्ञात मिश्रणों के प्रतिशत संघटन तथा उनके प्रवाह समय के बीच ग्राफ खींचा जाता है।
ग्राफ में X-अक्ष पर प्रतिशत संघटन तथा Y-अक्ष पर प्रवाह समय लिया जाता है।
अज्ञात मिश्रण का प्रवाह समय = 70 sec
ग्राफ में 70 sec के सामने प्राप्त प्रतिशत संघटन ≈ 22%
परिणाम (Result)
दिए गए अज्ञात मिश्रण का प्रतिशत संघटन लगभग 22% है।

यह ग्राफ क्या दर्शाता है:
- X-axis: मिश्रण का % Composition
- Y-axis: Flow का समय (seconds)
- ग्राफ लगभग सीधी रेखा देता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि
👉 मिश्रण की सान्द्रता बढ़ने पर प्रवाह का समय बढ़ता है,
जो viscometric method का अपेक्षित परिणाम है।
(Result Line):
“प्राप्त ग्राफ से स्पष्ट है कि मिश्रण की प्रतिशत संरचना बढ़ने पर विस्कोमीटर में प्रवाह का समय रैखिक रूप से बढ़ता है। अतः अज्ञात मिश्रण का प्रतिशत संघटन ग्राफ की सहायता से ज्ञात किया गया।”
प्रश्न 1: विस्कोमीटर का प्रयोग क्या है?
उत्तर: विस्कोमीटर का प्रयोग किसी द्रव की श्यानता (Viscosity) मापने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 2: श्यानता (Viscosity) क्या है?
उत्तर: किसी द्रव के बहने में होने वाले विरोध को श्यानता कहते हैं।
प्रश्न 3: मुझे समझ में नहीं आया, छोटे बच्चे की तरह समझाइए।
उत्तर:
पानी जल्दी बहता है, लेकिन शहद धीरे-धीरे बहता है।
शहद के धीरे बहने की इसी विशेषता को श्यानता कहते हैं।
प्रश्न 4: वह आलस क्यों करता है?
उत्तर:
क्योंकि शहद के छोटे-छोटे कण आपस में अधिक चिपके रहते हैं, इसलिए वह धीरे बहता है।
प्रश्न 5: जो जितना कम चलेगा, उसकी श्यानता उतनी अधिक होगी?
उत्तर:
हाँ, जो द्रव जितना धीरे बहेगा उसकी श्यानता उतनी अधिक होगी।
प्रश्न 6: विस्कोमीटर से कैसे पता करते हैं?
उत्तर:
विस्कोमीटर द्रव के बहने में लगा समय मापता है।
जो द्रव अधिक समय लेता है उसकी श्यानता अधिक होती है।
प्रश्न 7: विस्कोमीटर नाम क्यों पड़ा?
उत्तर:
Viscosity + Meter
अर्थात् श्यानता मापने वाला यंत्र = Viscometer
प्रश्न 8: इससे क्या-क्या माप सकते हैं और इसका क्या उपयोग है?
उत्तर:
इससे तेल, पानी, शहद, दूध, पेंट, दवा आदि की श्यानता मापी जाती है।
उपयोग:
- इंजन ऑयल की जाँच
- दवाइयों में
- पेंट उद्योग में
- खाद्य पदार्थों की जाँच
- कॉस्मेटिक उद्योग में
प्रश्न 9: क्या गाढ़ा होना हमेशा अच्छा होता है?
उत्तर:
नहीं, बहुत अधिक गाढ़ापन भी नुकसान कर सकता है।
हर कार्य के लिए सही श्यानता आवश्यक होती है।
प्रश्न 10: खराब या नकली पदार्थ कैसे पहचानते हैं?
उत्तर:
विस्कोमीटर से प्राप्त मान की तुलना मानक (Standard) मान से की जाती है।
यदि मान बहुत अलग हो तो पदार्थ खराब या मिलावटी हो सकता है।
प्रश्न 11: क्या इसकी कोई मानक सूची होती है?
उत्तर:
हाँ, वैज्ञानिकों और कंपनियों के पास मानक सूची होती है जिसमें सही viscosity values लिखी रहती हैं।
प्रश्न 12: यह सूची कहाँ मिलती है?
उत्तर:
- पुस्तकों में
- लैब मैनुअल में
- कंपनियों की Product Sheet में
- BIS और ISO जैसी वेबसाइटों पर
प्रश्न 13: क्या इसे मापने के लिए केवल विस्कोमीटर ही होता है?
उत्तर:
नहीं, Rheometer जैसे अन्य यंत्र भी उपयोग किए जाते हैं।
प्रश्न 14: लैब में 20%, 40%, 60%, 80%, 100% तथा Unknown Solution की viscosity कैसे निकालते हैं?
उत्तर:
Viscometer में द्रव के बहने का समय मापा जाता है।
फिर ज्ञात (Known) मानों से तुलना करके Unknown concentration ज्ञात करते हैं।
प्रश्न 15: क्या इसका ग्राफ बनाया जा सकता है?
उत्तर:
हाँ, Concentration बनाम Viscosity (या Flow Time) का ग्राफ बनाया जाता है।
इसी ग्राफ से Unknown concentration ज्ञात की जाती है।
प्रश्न 16: इसकी खोज क्यों और कैसे हुई?
उत्तर:
वैज्ञानिक यह जानना चाहते थे कि कुछ द्रव जल्दी और कुछ धीरे क्यों बहते हैं।
इसी कारण viscosity और viscometer का विकास हुआ।
प्रश्न 17: Rheometer की खोज किसने की?
उत्तर:
Rheometer का विकास कई वैज्ञानिकों द्वारा धीरे-धीरे किया गया।
Karl Weissenberg ने इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सावधानियाँ (Precautions)
- विस्कोमीटर को प्रयोग से पहले अच्छी तरह साफ करना चाहिए।
- प्रवाह समय मापते समय तापमान स्थिर होना चाहिए।
- प्रत्येक रीडिंग सावधानीपूर्वक लेनी चाहिए।
- विस्कोमीटर में बुलबुले नहीं होने चाहिए।
