B.Sc.1 MJ-2 Chemistry Practical 3
इस प्रायोगिक में वर्णमिति (Colorimeter) की सहायता से दिए गए रंगीन विलयन की सांद्रता ज्ञात की जाती है। ज्ञात सांद्रता वाले मानक विलयनों के लिए अवशोषणांक मापा जाता है तथा अवशोषणांक बनाम सांद्रता का आलेख खींचा जाता है। इस ग्राफ की सहायता से अज्ञात विलयन की सांद्रता का निर्धारण किया जाता है। यह प्रयोग वर्णमितीय विश्लेषण में लैम्बर्ट–बीयर नियम के व्यावहारिक उपयोग को स्पष्ट करता है।
वर्णमिति (Colorimeter) द्वारा लैम्बर्ट–बीयर नियम का सत्यापन।
उद्देश्य (Object):
वर्णमिति की सहायता से KMnO₄ के विभिन्न सांद्रता वाले विलयनों के लिए लैम्बर्ट–बीयर नियम का सत्यापन करना।
आवश्यक सामग्री (Required Materials):
- वर्णमिति (Colorimeter)
- KMnO₄ (M/1000) विलयन
- क्यूवेट (Cuvette)
- फिल्टर
- मापक फ्लास्क (10 ml)
- मापक सिलिंडर
- आसुत जल
सिद्धांत (Principle):
जब एकरंगी प्रकाश किसी विलयन से होकर गुजरता है, तो प्रकाश का कुछ भाग अवशोषित हो जाता है। अवशोषण की मात्रा विलयन की सांद्रता और पथ-लंबाई के समानुपाती होती है।
लैम्बर्ट–बीयर नियम के अनुसार,A∝C
अथवा,A=εCl
जहाँ,
A = अवशोषणांक (Absorbance)
C = विलयन की सांद्रता (mol/L)
l = पथ लंबाई (cm)
ε = मोलर अवशोषणांक
यदि A और C के बीच आलेख खींचा जाए तो वह मूल से होकर जाने वाली सीधी रेखा प्राप्त होती है।
रासायनिक समीकरण (यदि आवश्यक हो):
यह एक भौतिक मापन प्रयोग है, अतः कोई रासायनिक अभिक्रिया नहीं होती।
विधि (Method):
- सबसे पहले Colorimeter को 15 मिनट तक चालू कर स्थिर कर लेते हैं।
- उपयुक्त फिल्टर का चयन करते हैं (KMnO₄ के लिए हरा फिल्टर)।
- क्यूवेट को आसुत जल से धोकर सुखाते हैं।
- आसुत जल भरकर Colorimeter को Zero पर सेट करते हैं।
- M/1000 KMnO₄ के विभिन्न सांद्रता वाले विलयन तैयार करते हैं।
- प्रत्येक विलयन को एक-एक करके क्यूवेट में लेकर उसका अवशोषणांक (Absorbance) नोट करते हैं।
- अवशोषणांक (A) बनाम सांद्रता (C) का ग्राफ खींचते हैं।

प्रेक्षण (Observation):
(A) विलयन की तैयारी तालिका
| विलयन क्रमांक | KMnO₄ (ml) | आसुत जल (ml) | कुल आयतन (ml) |
|---|---|---|---|
| 1 | 0 | 10 | 10 |
| 2 | 2 | 8 | 10 |
| 3 | 4 | 6 | 10 |
| 4 | 6 | 4 | 10 |
| 5 | 8 | 2 | 10 |
| 6 | 10 | 0 | 10 |
(B) अवशोषणांक तालिका
| विलयन क्रमांक | सांद्रता (mol/L) | अवशोषणांक (A) |
|---|---|---|
| 1 | 0.0000 | 0.00 |
| 2 | 0.0002 | 0.12 |
| 3 | 0.0004 | 0.25 |
| 4 | 0.0006 | 0.38 |
| 5 | 0.0008 | 0.51 |
| 6 | 0.0010 | 0.63 |
(मान उदाहरण के लिए लिए गए हैं)
गणना (Calculation):
KMnO₄ का आणविक द्रव्यमान = 158.03 g/mol
M/1000 विलयन के लिए,W=1000M×V×MW W=10001×1000500×158.03 W=0.0790 g
अर्थात 500 ml विलयन बनाने के लिए 0.0790 g KMnO₄ की आवश्यकता होगी।
ग्राफ (Graph):
अवशोषणांक (Y-अक्ष) और सांद्रता (X-अक्ष) के मध्य खींचा गया आलेख मूल से होकर जाने वाली सीधी रेखा प्राप्त करता है।
(चित्र – लैम्बर्ट–बीयर नियम का सत्यापन)
परिणाम (Result):
अवशोषणांक तथा सांद्रता के मध्य प्राप्त ग्राफ सीधी रेखा है, जो मूल से होकर जाती है।
अतः लैम्बर्ट–बीयर नियम की पुष्टि होती है।
सावधानियाँ (Precautions):
- क्यूवेट साफ और सूखी होनी चाहिए।
- हर बार क्यूवेट को उसी दिशा में रखना चाहिए।
- विलयन में बुलबुले नहीं होने चाहिए।
- Colorimeter को प्रयोग से पहले Zero करना आवश्यक है।
- समान फिल्टर का ही प्रयोग करें।
त्रुटि के स्रोत (Sources of Error):
- क्यूवेट पर उँगलियों के निशान।
- तापमान में परिवर्तन।
- फिल्टर का गलत चयन।
- विलयन की गलत सांद्रता।
