B.Sc.1 MJ3 Chemistry Practical 2
उद्देश्य (Object)
बूंद संख्या विधि द्वारा स्टैलेग्मोमीटर की सहायता से दिए गए द्रव का पृष्ठ-तनाव ज्ञात करना।
आवश्यक सामग्री (Required Materials)
- स्टैलेग्मोमीटर
- शुद्ध जल
- दिया गया द्रव (जैसे – अल्कोहल/कार्बनिक द्रव)
- बीकर
- क्लैम्प स्टैंड
- थर्मामीटर
- वॉश बोतल
सिद्धांत (Principle)
जब किसी द्रव को पतली नली (स्टैलेग्मोमीटर) से टपकाया जाता है तो बूंद का अलग होना द्रव के पृष्ठ-तनाव पर निर्भर करता है। समान आयतन के लिए जिस द्रव का पृष्ठ-तनाव अधिक होगा, उसकी बूंदों की संख्या कम होगी।
यदि जल और दिए गए द्रव के लिए:
- बूंदों की संख्या क्रमशः n₁ और n₂ हो
- घनत्व क्रमशः d₁ और d₂ हो
- पृष्ठ-तनाव क्रमशः γ₁ और γ₂ हो
तो,
γ₂ / γ₁ = (d₂ × n₁) / (d₁ × n₂)
अतः,
γ₂ = γ₁ × (d₂ × n₁) / (d₁ × n₂)
उपकरण का चित्र
(स्टैलेग्मोमीटर का लेबलयुक्त चित्र उत्तर-पुस्तिका में बनाएं)
विधि (Method)
- स्टैलेग्मोमीटर को पहले क्रोमिक अम्ल, फिर नल के जल तथा अंत में आसुत जल से अच्छी तरह साफ करें।
- स्टैलेग्मोमीटर को क्लैम्प स्टैंड पर सीधा लगाएँ।
- पहले शुद्ध जल भरें और ऊपर के निशान से नीचे के निशान तक गिरने वाली बूंदों की संख्या गिनें। इसे 2–3 बार दोहराकर औसत लें।
- अब स्टैलेग्मोमीटर को धोकर दिए गए द्रव से भरें और उसी प्रकार बूंदों की संख्या ज्ञात करें।
- दोनों द्रवों का तापमान समान रखें और घनत्व ज्ञात करें।
प्रेक्षण (Observation)
कमरे का ताप = 25°C
| द्रव | बूंदों की संख्या |
|---|---|
| शुद्ध जल (n₁) | 50 |
| दिया गया द्रव (n₂) | 65 |
घनत्व:
- जल का घनत्व (d₁) = 1.0 g/cm³
- दिए गए द्रव का घनत्व (d₂) = 0.80 g/cm³
जल का पृष्ठ-तनाव (γ₁) = 72.0 dyne/cm
गणना (Calculation)
γ₂ = γ₁ × (d₂ × n₁) / (d₁ × n₂)
γ₂ = 72.0 × (0.80 × 50) / (1.0 × 65)
γ₂ = 72.0 × 40 / 65
γ₂ = 44.3 dyne/cm (लगभग)
परिणाम (Result)
दिए गए द्रव का पृष्ठ-तनाव = 44.3 dyne/cm
सावधानियाँ (Precautions)
- स्टैलेग्मोमीटर पूर्णतः स्वच्छ और सूखा होना चाहिए।
- तापमान स्थिर रखा जाए।
- बूंदें गिनते समय ध्यान रखें कि कोई बूंद छूटे नहीं।
- उपकरण को सीधी अवस्था में रखें।
संभावित त्रुटियाँ (Sources of Error)
- तापमान में परिवर्तन
- स्टैलेग्मोमीटर का अपूर्ण साफ होना
- बूंद गिनने में मानवीय त्रुटि
निष्कर्ष (Conclusion)
बूंद संख्या विधि एक सरल एवं विश्वसनीय विधि है, जिससे स्टैलेग्मोमीटर की सहायता से किसी भी द्रव का पृष्ठ-तनाव ज्ञात किया जा सकता है।