B.Sc.1 MJ3 Chemistry Practical 3
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जल तथा बेंज़ीन के मध्य बेंज़ोइक अम्ल के वितरण (Distribution) का अध्ययन करना तथा यह सिद्ध करना किC2C1=स्थिरांक (k)
आवश्यक सामग्री (Required Materials)
- 100 mL की स्टॉपर्ड काँच की चार बोतलें
- बेंज़ोइक अम्ल
- बेंज़ीन
- मानकीकृत 0.05 N NaOH विलयन
- फिनॉल्फ्थलीन सूचक
- ब्यूरट, पिपेट
- कोनिकल फ्लास्क
- फ़नल एवं बीकर
सिद्धांत (Theory)
जब कोई विलेय दो आपस में न घुलने वाले विलायकों में समान ताप पर वितरित होता है, तो उसकी सांद्रताओं का अनुपात स्थिर रहता है।
बेंज़ोइक अम्ल जल में एकल अणु तथा बेंज़ीन में द्वि-अणुक (Dimer) अवस्था में रहता है।
अतः वितरण नियम के अनुसार:C2C1=k
जहाँ
C1 = जलीय परत में बेंज़ोइक अम्ल की सांद्रता
C2 = बेंज़ीन परत में बेंज़ोइक अम्ल की सांद्रता
विधि (Method)
- कमरे के तापमान पर बेंज़ोइक अम्ल का 100 mL संतृप्त जलीय विलयन तैयार किया जाता है।
- इस विलयन को चार स्टॉपर्ड बोतलों में क्रमशः 10, 20, 30 एवं 40 mL मात्रा में लिया जाता है।
- अब प्रत्येक बोतल में बेंज़ीन क्रमशः 40, 30, 20 एवं 10 mL मिलाया जाता है।
- बोतलों को बंद कर लगभग आधे घंटे तक अच्छी तरह हिलाया जाता है और फिर स्थिर अवस्था प्राप्त होने दी जाती है।
- दोनों परतों (जलीय व बेंज़ीन) को अलग-अलग कर लिया जाता है।
- प्रत्येक परत के 10 mL विलयन को मानकीकृत 0.05 N NaOH से फिनॉल्फ्थलीन सूचक की उपस्थिति में अनुमापित किया जाता है।
- हल्का गुलाबी रंग अंत बिंदु को दर्शाता है।
प्रेक्षण तालिका (Observation Table)
(A) जलीय परत
| बोतल क्रमांक | बेंज़ोइक अम्ल विलयन (mL) | प्रयुक्त NaOH (mL) | सांद्रता C1=N×V | औसत C1 |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 10 | 8.0 | 0.05 × 8.0 = 0.40 | |
| 2 | 10 | 8.1 | 0.05 × 8.1 = 0.405 | |
| 3 | 10 | 7.9 | 0.05 × 7.9 = 0.395 | |
| 4 | 10 | 8.0 | 0.05 × 8.0 = 0.40 | 0.40 |
(B) बेंज़ीन परत
| बोतल क्रमांक | बेंज़ोइक अम्ल विलयन (mL) | प्रयुक्त NaOH (mL) | सांद्रता C2=N×V | औसत C2 |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 10 | 4.0 | 0.05 × 4.0 = 0.20 | |
| 2 | 10 | 4.1 | 0.05 × 4.1 = 0.205 | |
| 3 | 10 | 3.9 | 0.05 × 3.9 = 0.195 | |
| 4 | 10 | 4.0 | 0.05 × 4.0 = 0.20 | 0.20 |
गणना (Calculation)
औसत मान:
अब,
परिणाम (Result)
हम देखते हैं किC2C1
का मान लगभग स्थिर रहता है।
अतः यह सिद्ध होता है कि बेंज़ोइक अम्ल जल में एकल अणु तथा बेंज़ीन में द्वि-अणुक अवस्था में रहता है।
