B.Sc.1 Minor 1 chemistry practical 3
प्रयोग का नाम
सैलिसिलिक अम्ल के एसीटिलीकरण द्वारा एस्पिरिन (Acetyl salicylic acid) का संश्लेषण।
उद्देश्य (Object)
सैलिसिलिक अम्ल का एसीटिलीकरण कर एस्पिरिन का निर्माण करना तथा प्राप्त यौगिक की पहचान गलनांक द्वारा करना।
आवश्यक उपकरण (Required Apparatus)
- कोनिकल फ्लास्क (250 ml)
- थर्मामीटर
- जल-उष्मक (Water bath)
- फ़नल
- फ़िल्टर पेपर
- बीकर
आवश्यक अभिक्रियक (Required Reagents)
- सैलिसिलिक अम्ल – 10.0 ग्राम
- एसीटिक एन्हाइड्राइड – 15 ml
- सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल (Conc. H₂SO₄) – 5 बूँद
सिद्धांत (Principle)
सैलिसिलिक अम्ल के फिनॉलिक –OH समूह का एसीटिक एन्हाइड्राइड की उपस्थिति में सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल उत्प्रेरक के रूप में प्रयोग कर एसीटिलीकरण किया जाता है।
इस अभिक्रिया में फिनॉलिक –OH समूह पर एसीटिल समूह (–COCH₃) जुड़ जाता है और एस्पिरिन (Acetyl salicylic acid) बनता है।
अभिक्रिया समीकरण :
Salicylic acid + Acetic anhydride
→ (Conc. H₂SO₄) → Aspirin + Acetic acid
विधि (Procedure)
- 250 ml के कोनिकल फ्लास्क में 10 ग्राम सैलिसिलिक अम्ल लें।
- इसमें 15 ml एसीटिक एन्हाइड्राइड मिलाएँ।
- अब इसमें 5 बूँद सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल सावधानीपूर्वक डालें।
- मिश्रण को धीरे-धीरे हिलाते हुए जल-उष्मक पर रखें।
- तापमान 50–60°C पर नियंत्रित रखते हुए 10–15 मिनट तक गरम करें।
- इसके बाद फ्लास्क को जल-उष्मक से हटाकर कमरे के ताप तक ठंडा करें।
- अब मिश्रण को 200 ml बर्फ़ मिले ठंडे जल में धीरे-धीरे डालें।
- सफेद रंग का अवक्षेप (Aspirin) प्राप्त होता है।
- अवक्षेप को फ़िल्टर कर अलग करें।
- अशुद्ध एस्पिरिन को जल एवं एसीटिक अम्ल (50:50) के मिश्रण से पुनः क्रिस्टलीकरण करें।
- प्राप्त क्रिस्टलों को सुखाकर तौल लें।
उदाहरण (Example)
यदि 10 ग्राम सैलिसिलिक अम्ल लिया जाए, तो एसीटिलीकरण अभिक्रिया द्वारा उससे एस्पिरिन प्राप्त किया जाता है, जो दर्द निवारक एवं ज्वरनाशक औषधि के रूप में प्रयुक्त होती है।
परिणाम (Result)
इस प्रयोग में सैलिसिलिक अम्ल के एसीटिलीकरण द्वारा सफेद क्रिस्टलीय एस्पिरिन प्राप्त हुआ।
- गलनांक (m.p.) : 135–136°C
- प्राप्ति (Yield) : लगभग 11 ग्राम
सावधानियाँ (Precautions)
- सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल को बहुत सावधानी से प्रयोग करें।
- तापमान 60°C से अधिक न होने दें।
- बर्फ़ वाले जल में मिश्रण धीरे-धीरे डालें।
- पुनः क्रिस्टलीकरण ठीक प्रकार से करें ताकि शुद्ध उत्पाद प्राप्त हो।
