M.Sc.III Sem Organic Chemistry Practical 3

M.Sc.III Sem Organic Chemistry Practical 3

M.Sc.III Sem Organic Chemistry Practical 3

Paper Chromatography द्वारा दिए गए मिश्रण में उपस्थित Glucose, Fructose एवं Sucrose का पृथक्करण एवं पहचान तथा उनके Rf मानों का निर्धारण।


उद्देश्य (Aim)

दिए गए मिश्रण में उपस्थित शर्कराओं (Glucose, Fructose एवं Sucrose) को पेपर क्रोमैटोग्राफी द्वारा अलग करना, उनकी पहचान करना तथा उनके Rf मान ज्ञात करना।


सिद्धांत (Principle)

पेपर क्रोमैटोग्राफी एक partition chromatography तकनीक है।
इसमें:

  • स्थिर अवस्था (Stationary Phase) → सेलूलोज़ पेपर में उपस्थित जल
  • चल अवस्था (Mobile Phase) → कार्बनिक विलायक मिश्रण

शर्कराओं की ध्रुवीयता (polarity) और स्थिर अवस्था के प्रति आकर्षण अलग-अलग होता है, जिसके कारण वे अलग-अलग दूरी तय करती हैं।
प्रत्येक शर्करा का विशिष्ट Rf मान होता है।Rf=द्रव्य द्वारा तय की गई दूरीविलायक अग्रभाग द्वारा तय की गई दूरी\textbf{Rf} = \frac{\text{द्रव्य द्वारा तय की गई दूरी}}{\text{विलायक अग्रभाग द्वारा तय की गई दूरी}}Rf=विलायक अग्रभाग द्वारा तय की गई दूरीद्रव्य द्वारा तय की गई दूरी​


आवश्यक रसायन (Chemicals Required)

  1. Glucose का मानक विलयन
  2. Fructose का मानक विलयन
  3. Sucrose का मानक विलयन
  4. दिया गया मिश्रण
  5. विकास विलायक (Solvent system):
    n-Butanol : Acetic acid : Water (4 : 1 : 5)
  6. स्प्रे अभिकर्मक (Detecting Reagent):
    Aniline Hydrogen Phthalate

उपकरण (Apparatus)

  • Whatman No.1 क्रोमैटोग्राफी पेपर
  • क्रोमैटोग्राफी जार
  • कैपिलरी ट्यूब
  • पेंसिल
  • स्केल
  • हॉट एयर ओवन / हॉट प्लेट

प्रक्रिया (Procedure – Step by Step)

Step 1: पेपर की तैयारी

  • Whatman No.1 पेपर की एक पट्टी काटें।
  • निचले सिरे से लगभग 2 cm ऊपर पेंसिल से बेसलाइन खींचें।

Step 2: स्पॉटिंग

  • कैपिलरी की सहायता से बेसलाइन पर अलग-अलग स्थानों पर निम्न स्पॉट लगाएँ:
    • Glucose (G)
    • Fructose (F)
    • Sucrose (S)
    • दिया गया मिश्रण (M)
  • प्रत्येक स्पॉट को सूखने दें।

Step 3: विकास (Development)

  • क्रोमैटोग्राफी जार में विलायक मिश्रण डालें।
  • पेपर को इस प्रकार रखें कि बेसलाइन विलायक को न छुए।
  • जार बंद कर दें और विलायक को ऊपर चढ़ने दें।

Step 4: पेपर निकालना

  • जब विलायक अग्रभाग ऊपर तक पहुँच जाए, पेपर निकाल लें।
  • विलायक अग्रभाग को तुरंत पेंसिल से चिन्हित करें।
  • पेपर को सुखा लें।

Step 5: स्पॉट का विकास (Detection)

  • पेपर पर Aniline Hydrogen Phthalate स्प्रे करें।
  • 105–110°C पर 5–10 मिनट गर्म करें।
  • शर्कराओं के भूरे रंग के धब्बे दिखाई देंगे।

अवलोकन (Observations)

शर्कराद्रव्य द्वारा तय दूरी (cm)विलायक अग्रभाग दूरी (cm)Rf मान
Glucose3.210.00.32
Fructose4.110.00.41
Sucrose2.010.00.20
मिश्रण3 धब्बे10.00.20, 0.32, 0.41

उदाहरण गणना (Sample Calculation)

For Glucose:Rf=3.210.0=0.32Rf = \frac{3.2}{10.0} = 0.32

For Fructose:Rf=4.110.0=0.41Rf = \frac{4.1}{10.0} = 0.41

For Sucrose:Rf=2.010.0=0.20Rf = \frac{2.0}{10.0} = 0.20


परिणाम (Result)

दिए गए मिश्रण में Glucose, Fructose एवं Sucrose उपस्थित हैं, जिसकी पुष्टि उनके Rf मानों की तुलना मानक शर्कराओं से की गई।


सावधानियाँ (Precautions)

  1. स्पॉट छोटे और सघन होने चाहिए।
  2. बेसलाइन पेंसिल से बनाएं, पेन का प्रयोग न करें।
  3. विलायक स्तर बेसलाइन से नीचे होना चाहिए।
  4. जार को पूरी तरह बंद रखें।

(Viva Questions)

  1. Paper chromatography किस सिद्धांत पर आधारित है?
  2. Rf मान क्या होता है?
  3. शर्कराओं के लिए कौन-सा स्प्रे अभिकर्मक उपयोग किया जाता है?
  4. Glucose और Fructose के Rf मान अलग क्यों होते हैं?
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