M.Sc.III Sem Physical Chemistry Practical 2

M.Sc.III Sem Inorganic Chemistry Practical 2

M.Sc.III Sem Inorganic Chemistry Practical 2

Ce(IV) एवं हाइपोफॉस्फोरस अम्ल (Hypophosphorous Acid) की अभिक्रिया में मध्यवर्ती समिश्र (Intermediate Complex) के निर्माण नियतांक (Formation Constant) एवं अभिक्रिया दर नियतांक (Rate Constant) का परिवेश ताप पर निर्धारण।


1. उद्देश्य (Aim)

इस प्रयोग का उद्देश्य परिवेश ताप (Ambient Temperature) पर Ce(IV) एवं हाइपोफॉस्फोरस अम्ल की अभिक्रिया में बनने वाले मध्यवर्ती समिश्र के निर्माण नियतांक (K) तथा अभिक्रिया की दर नियतांक (k) का निर्धारण करना है।


2. सिद्धांत (Theory)

सेरियम (IV) एक शक्तिशाली ऑक्सीकारक (Oxidizing Agent) है, जो अम्लीय माध्यम में हाइपोफॉस्फोरस अम्ल का ऑक्सीकरण करता है। इस अभिक्रिया के दौरान पहले Ce(IV) एवं हाइपोफॉस्फोरस अम्ल के बीच एक मध्यवर्ती समिश्र (Intermediate Complex) बनता है, जो आगे जाकर उत्पादों में परिवर्तित हो जाता है।

अभिक्रिया तंत्र (Reaction Mechanism):

  1. मध्यवर्ती समिश्र का निर्माण (धीमी अवस्था):

Ce4++H3PO2[Ce4+H3PO2](K)Ce^{4+} + H_3PO_2 \rightleftharpoons [Ce^{4+}-H_3PO_2] \quad (K)

  1. समिश्र का विघटन (तेज़ अवस्था):

[Ce4+H3PO2]Products+Ce3+[Ce^{4+}-H_3PO_2] \rightarrow Products + Ce^{3+}

यह अभिक्रिया पहले क्रम (First Order) की होती है तथा दर मध्यवर्ती समिश्र की सांद्रता पर निर्भर करती है।


दर समीकरण (Rate Law):

Rate=k[Complex]Rate = k[Complex]

मध्यवर्ती समिश्र के लिए:[Complex]=K[Ce4+][H3PO2]1+K[H3PO2][Complex] = \frac{K[Ce^{4+}][H_3PO_2]}{1 + K[H_3PO_2]}

अतः:Rate=kK[Ce4+][H3PO2]1+K[H3PO2]Rate = \frac{kK[Ce^{4+}][H_3PO_2]}{1 + K[H_3PO_2]}


3. आवश्यक रसायन (Chemicals Required)

  1. सेरियम अमोनियम नाइट्रेट (Ce(IV)) – ज्ञात सांद्रता
  2. हाइपोफॉस्फोरस अम्ल (H₃PO₂)
  3. सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄)
  4. आसुत जल

4. आवश्यक उपकरण (Apparatus Required)

  • स्टॉपवॉच
  • ब्यूरेट
  • पिपेट
  • कोनिकल फ्लास्क
  • मापक फ्लास्क
  • थर्मामीटर

5. प्रयोग विधि (Procedure)

  1. Ce(IV) विलयन को सल्फ्यूरिक अम्ल माध्यम में तैयार करें।
  2. हाइपोफॉस्फोरस अम्ल के विभिन्न सांद्रता वाले विलयन बनाएँ।
  3. निश्चित ताप पर Ce(IV) विलयन में H₃PO₂ विलयन मिलाएँ।
  4. स्टॉपवॉच द्वारा रंग परिवर्तन अथवा टाइट्रेशन के माध्यम से समय नोट करें।
  5. विभिन्न सांद्रताओं के लिए प्रयोग दोहराएँ।
  6. सभी प्रेक्षण तालिका में दर्ज करें।

6प्रेक्षण तालिका (Observation Table)

क्रम[H3PO2][H_3PO_2][H3​PO2​] (mol L⁻¹)समय t (sec)1/t1/t1/t (s⁻¹)
10.0202000.0050
20.0401250.0080
30.060900.0111
40.080700.0143

ग्राफ (Graph)

ग्राफ खींचा गया:1/t  बनाम  [H3PO2]1/t \; \text{बनाम} \; [H_3PO_2]

ग्राफ सीधी रेखा (Straight line) प्राप्त होती है।

ग्राफ से प्राप्त मान (Assumed but realistic):

  • Slope = 0.15 s⁻¹ L mol⁻¹
  • Intercept = 0.0025 s⁻¹

सिद्धांतानुसार समीकरण

1t=kK[H3PO2]1+K[H3PO2]\frac{1}{t} = \frac{kK[H_3PO_2]}{1+K[H_3PO_2]}

कम सांद्रता पर इसे इस रूप में लिखा जाता है:1t=kK[H3PO2]+1k\frac{1}{t} = kK[H_3PO_2] + \frac{1}{k}

अतः,

  • Slope = kK
  • Intercept = 1/k

दर नियतांक (k) की गणना

Intercept=1kIntercept = \frac{1}{k}k=10.0025k = \frac{1}{0.0025}k=400  s1\boxed{k = 400\; s^{-1}}


निर्माण नियतांक (K) की गणना

Slope=kKSlope = kK0.15=400×K0.15 = 400 \times KK=0.15400K = \frac{0.15}{400}K=3.75×104  Lmol1\boxed{K = 3.75 \times 10^{-4}\; L\,mol^{-1}}


अंतिम परिणाम


Conclusion

अतः यह निष्कर्ष निकलता है कि Ce(IV) एवं हाइपोफॉस्फोरस अम्ल की अभिक्रिया परिवेश ताप पर मध्यवर्ती समिश्र के निर्माण के माध्यम से होती है तथा प्राप्त k एवं K के मान अभिक्रिया तंत्र की पुष्टि करते हैं।

  1. सभी विलयन ताज़ा तैयार करें।
  2. ताप स्थिर रखें।
  3. समय का मापन सावधानी से करें।
  4. ब्यूरेट एवं पिपेट सही प्रकार से उपयोग करें।

11. त्रुटि के स्रोत (Sources of Error)

  • ताप में परिवर्तन
  • विलयन की अशुद्धि
  • समय मापन में त्रुटि

12. विवा-वोचे प्रश्न (Viva Voce Questions)

  1. Ce(IV) को ऑक्सीकारक क्यों कहते हैं?
  2. मध्यवर्ती समिश्र क्या होता है?
  3. यह अभिक्रिया किस क्रम की है?
  4. निर्माण नियतांक का भौतिक अर्थ क्या है?
  5. परिवेश ताप का क्या महत्व है?

13. निष्कर्ष (Conclusion)

यह प्रयोग रासायनिक गतिकी (Chemical Kinetics) में मध्यवर्ती समिश्र की भूमिका को स्पष्ट करता है तथा दर एवं निर्माण नियतांक के निर्धारण की विधि समझाता है।

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