B.Sc.I Year Minor 1Chemistry Practical 1
प्रयोग क्रमांक – 1
उद्देश्य (Object):
दिए गए कार्बनिक क्रिस्टलों को चारकोल (Activated Charcoal) की सहायता से रंगहीन करना एवं पुनः क्रिस्टलीकृत करना।
सिद्धांत (Principle):
जब कोई कार्बनिक पदार्थ रंगीन अपद्रव्यों की उपस्थिति के कारण रंगीन विलयन बनाता है, तब उसे चारकोल के साथ उबालने पर रंगीन अपद्रव्य चारकोल द्वारा अधिशोषित (Adsorb) हो जाते हैं। इसके पश्चात छानने पर रंगहीन विलयन प्राप्त होता है। इस विलयन को ठंडा करने पर शुद्ध एवं रंगहीन कार्बनिक क्रिस्टल प्राप्त होते हैं।
आवश्यक सामग्री (Requirements):
- दिया गया कार्बनिक पदार्थ
- उपयुक्त विलायक
- सक्रिय चारकोल (2–4%)
- बीकर
- कांच की छड़
- फ़नल
- फ्लूटेड फ़िल्टर पेपर
- जल-स्नान (Water bath)
- तराजू
- गलनांक यंत्र
विधि (Method):
दिए गए कार्बनिक पदार्थ की तुली हुई मात्रा को उपयुक्त विलायक में गर्म करके घोल बनाया गया। इसमें 2–4% सक्रिय चारकोल मिलाया गया और लगभग 10 मिनट तक गर्म किया गया। इसके पश्चात गर्म अवस्था में विलयन को फ्लूटेड फ़िल्टर पेपर की सहायता से छाना गया।
प्राप्त निस्यंद (Filtrate) को एक स्वच्छ पात्र में एकत्र कर कमरे के ताप पर ठंडा होने दिया गया। ठंडा होने पर रंगहीन क्रिस्टल प्राप्त हुए।
क्रिस्टलों को निस्यंदन द्वारा अलग कर अल्प मात्रा में ठंडे विलायक से धोया गया। तत्पश्चात क्रिस्टलों को सुखाया गया, तोला गया एवं उनका गलनांक ज्ञात किया गया।
सावधानियाँ (Precautions):
- चारकोल की मात्रा अधिक नहीं होनी चाहिए, अन्यथा पदार्थ का ह्रास हो सकता है।
- छानने की क्रिया हमेशा गर्म अवस्था में करें।
- फ्लूटेड फ़िल्टर पेपर का प्रयोग करें ताकि शीघ्र निस्यंदन हो सके।
- विलायक का चयन पदार्थ की विलेयता के अनुसार करें।
- क्रिस्टलों को धोते समय ठंडे विलायक का ही प्रयोग करें।
- बीकर एवं उपकरण स्वच्छ होने चाहिए।
परिणाम (Result – Example):
दिए गए रंगीन कार्बनिक पदार्थ को चारकोल की सहायता से सफलतापूर्वक रंगहीन किया गया। पुनः क्रिस्टलीकरण के पश्चात शुद्ध एवं रंगहीन क्रिस्टल प्राप्त हुए।
प्राप्त रंगहीन पदार्थ की मात्रा = 1.25 ग्राम
प्राप्त पदार्थ का गलनांक = 121°C
अतः यह स्पष्ट है कि चारकोल द्वारा रंगीन अपद्रव्यों को हटाकर शुद्ध कार्बनिक क्रिस्टल प्राप्त किए जा सकते हैं।